BA Semester-5 Paper-1 Fine Arts - Hindi book by - Saral Prshnottar Group - बीए सेमेस्टर-5 पेपर-1 चित्रकला - भारतीय वास्तुकला का इतिहास - सरल प्रश्नोत्तर समूह
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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-1 चित्रकला - भारतीय वास्तुकला का इतिहास

सरल प्रश्नोत्तर समूह

प्रकाशक : सरल प्रश्नोत्तर सीरीज प्रकाशित वर्ष : 2023
पृष्ठ :180
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 2803
आईएसबीएन :0

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बीए सेमेस्टर-5 पेपर-1 चित्रकला - भारतीय वास्तुकला का इतिहास - सरल प्रश्नोत्तर

अध्याय - 2

प्राचीन भारतीय वास्तुकला, बौद्ध
कला एवं इण्डियन रॉक कला

प्रश्न- प्राचीन भारतीय वास्तुकला का परिचय दीजिए।

सम्बन्धित लघु उत्तरीय प्रश्न
1. सारनाथ धमेख स्तूप का विवरण दीजिए।
2. गुप्तकालीन स्थापत्य कला के विषय में आप क्या जानते हैं?

उत्तर-

सिन्धु घाटी सभ्यता

प्राचीन भारतीय वास्तुकला का विवरण इस प्रकार से है-

सिन्धु घाटी सभ्यता विश्व के इतिहास की पहली नगरीय सभ्यता थी। इसकी खोज 1921 में हुई। इसमें खुदाई के दौरान स्थापत्य कला के जो नमूने प्राप्त हुए वो उस समय की अन्य सभ्यताओं से अधिक श्रेष्ठ थे। इसमें नगरों का विकास शतरंज के बोर्ड की तरह किया गया था। नालियों का अच्छा बन्दोबस्त था। सिन्धु घाटी सभ्यता के मोहनजोदड़ो से विशाल स्नानागार प्राप्त हुआ है। हड़प्पा नामक स्थल से विशाल अन्नागार प्राप्त हुआ है।

वैदिक काल से मगध काल तक

सिन्धु घाटी सभ्यता के पतन के बाद वैदिक सभ्यता का उदय हुआ। वैदिक काल की सभ्यता ग्रामीण होने के कारण स्थापत्य कला का नमूना आज तक शेष नहीं है। वैदिक काल का मुख्य योगदान भारतीय साहित्य और संस्कृति में है। सोलह महाजनपदों के समय के स्थापत्य के नमूने आज मौजूद नहीं है।

मौर्यकाल

मौर्यकाल में भारतीय स्थापत्य कला का विकास हुआ। अशोक के शिलालेख, सारनाथ स्तूप, बराबर की मुफाएँ इस काल की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है।

सारनाथ धमेख स्तूप

सारनाथ उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित है। यहाँ गौतम बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश दिया था। सारनाथ में धमेख और चौखंडी स्तूप हैं। धमेख स्तूप स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है, जिसका निर्माण अशोक ने कराया। सारनाथ में अशोक का शिलालेख भी प्राप्त हुआ है।

बराबर की गुफाएँ

यह बिहार के गया जिले में स्थित हैं। इसमें अशोक का शिलालेख स्थित है। बताया जाता है इसे अशोक ने भिक्षुओं को दान किया था।

मौर्योत्तर कालीन स्थापत्य कला

मौर्य काल के बाद पुष्यमित्र शुंग का राज्य प्रारम्भ हुआ। पुष्यमित्र शुंग ने भरहूत स्तूप का निर्माण कराया। सातवाहन राजाओं ने अनेक मन्दिर, चैत्य और विहार बनवाए। नासिक शिलालेख सातवाहन राजा गौतमीपुत्र भी शातकर्णी से सम्बन्धित है।

कुषाण कला

कुषाण चीन की यू-ची जाति से सम्बन्धित थे। उनके काल में मथुरा और गांधार स्कूल प्रमुख थे जो कला से सम्बन्धित थे। इस काल में मूर्तिकला का काफी विकास हुआ। पक्की ईंटों का प्रयोग इसी काल से आरम्भ हुआ है

गुप्तकालीन स्थापत्य कला

गुप्तकाल को प्राचीन भारत का स्वर्ण काल कहा जाता है। गुप्तकाल में मन्दिर निर्माण कला का प्रारम्भ हुआ। इस काल में देवताओं की मूर्तियाँ मन्दिरों के गर्भगृह में रखी जाती थीं। सारनाथ का धमेख स्तूप इसी काल में पूर्ण हुआ। इस काल में मन्दिर छोटी-छोटी ईंटों और पत्थरों के बनाए जाते थे।

इस काल में अनेक मन्दिर बनाए गये, जिनमें से प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं-

दशावतार मन्दिर, देवगढ़ (झांसी)
भीतरगाँव मन्दिर, भीतरगाँव (कानपुर)
शिव मन्दिर, भूमरा (नागौर)
पार्वती मन्दिर, नचना कुठारा (पन्ना)

दशावतार मन्दिर - दशावतार मन्दिर गुप्तकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है। यह झांसी जिले के बेतवा नदी के तट पर स्थित शहर देवगढ़ में स्थित है। यह विष्णु भगवान का मन्दिर है।

दक्षिण भारतीय प्राचीन स्थापत्य कला

दक्षिण भारत में वकाटक वंश, बादामी के चालुक्य, राष्ट्रकूट, पल्लव राजाओं, गंग वंश, चोल वंश का राज्य रहा।

नटराज मन्दिर - नटराज मन्दिर तमिलनाडु के चिदम्बरम में है। इसका निर्माण चोल वंश के राजाओं ने कराया। इसमें नटराज की मूर्ति है। नटराज का अर्थ होता है तांडव नृत्व की मुद्रा में शिव।

बृहदेश्वर मन्दिर - बृहदेश्वर मन्दिर तमिलनाडु के थंजावूर में है। यह एक विश्व प्रसिद्ध मन्दिर है। इसे राजाराज चोल प्रथम ने बनवाया। यह ग्रेनाइट का मन्दिर है जो पूरी दुनिया में अपनी तरह का एकमात्र मन्दिर है। इसका विमान (शिखर) 16 मंजिल ऊँचा है।

कैलाश मन्दिर - एलोरा-कैलाश मन्दिर एक विश्व प्रसिद्ध मन्दिर है जो महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एलोरा में स्थित है। इसे राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम ने विशाल चट्टान को काटकर बनवाया।

ऐरावतेश्वर मन्दिर -  इसे चोल राजा राजाराज चोल द्वितीय ने बनवाया। इस मन्दिर पर मुस्लिम सेनाओं ने आक्रमण भी किया किन्तु पुनः हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के समय इसका और अन्य हिन्दू मन्दिरों का पुनर्निर्माण हुआ।

कोणार्क का सूर्य मन्दिर - इसका निर्माण गंग शासक नरसिंहदेव ने कराया। इसे ब्लैक पेगोड़ा कहा जाता है। इसमें सूरी के मन्दिर को खींचते हुए सात रथ थे। जिसमें 24 पहिये लगे हुए थे।

राजपूतकालीन स्थापत्य कला

राजपूत कालीन उत्तर भारतीय मन्दिर दक्षिण भारतीय मन्दिरों से अलग है। खजुराहों में कई विश्व प्रसिद्ध मन्दिर हैं जिनका निर्माण चंदेल राजाओं ने कराया था। खजुराहों के विष्णु मन्दिर का निर्माण चंदेल राजा यशोवर्मन ने कराया। कंडरिया महादेव मन्दिर, विश्वनाथ मन्दिर, वैद्यनाथ मन्दिर का निर्माण यशोवर्मन के पुत्र धंग ने कराया। सोमनाथ का शिव मन्दिर राजपूत राजाओं ने बनवाया था।

मन्दिर निर्माण की प्राचीन भारतीय शैलियाँ

नागर शैली - इसका निर्माण 'नगर' शब्द से हुआ है। इसका विकास उत्तर भारत में मुख्यतया हुआ है। इसमें मन्दिर के आठ अंग होते हैं—मूल आधार, मसूरक, जंघा, कपोत, शिखर, ग्रीवा, वर्तुलाकार आमलक, कलश। इसमें प्रमुख मन्दिर खजुराहो के कंडरिया महादेव, भुवनेश्वर का लिंगराज, पुरी का जगन्नाथ मन्दिर, कोणार्क का सूर्य मन्दिर, दिलवाड़ा मन्दिर, सोमनाथ मन्दिर हैं।

द्रविड़ शैली - यह मन्दिर निर्माण की दक्षिण भारतीय शैली है। इसमें मन्दिर का / आकार चौकोर होता है और गोपुरम प्रवेश के लिए होता है। इसमें शिखर (विमान) प्रमुख होते हैं। प्रमुख उदाहरण वातापी का विरूपाक्ष मन्दिर, बृहदेश्वर मन्दिर, शोर मन्दिर, कैलाश मन्दिर हैं।

वेसर शैली - यह नागर शैली और द्रविड़ शैली की मिश्रित शैली है। होयसल और चालुक्य मन्दिर इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
अन्य शैलियाँ पगोड़ा शैली, संधार शैली, निरंधार शैली, सर्वतोभद्र शैली हैं।

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    अनुक्रम

  1. प्रश्न- 'सिन्धु घाटी स्थापत्य' शीर्षक पर एक निबन्ध लिखिए।
  2. प्रश्न- मोहनजोदड़ो व हड़प्पा के कला नमूने विकसित कला के हैं। कैसे?
  3. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता की खोज किसने की तथा वहाँ का स्वरूप कैसा था?
  4. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता की मूर्ति शिल्प कला किस प्रकार की थी?
  5. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता के अवशेष कहाँ-कहाँ प्राप्त हुए हैं?
  6. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता का पतन किस प्रकार हुआ?
  7. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता के चरण कितने हैं?
  8. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता का नगर विन्यास तथा कृषि कार्य कैसा था?
  9. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था तथा शिल्पकला कैसी थी?
  10. प्रश्न- सिन्धु घाटी सभ्यता की संस्थाओं और धार्मिक विचारों पर लेख लिखिए।
  11. प्रश्न- प्राचीन भारतीय वास्तुकला का परिचय दीजिए।
  12. प्रश्न- भारत की प्रागैतिहासिक कला पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए।
  13. प्रश्न- प्रागैतिहासिक कला की प्रविधि एवं विशेषताएँ बताइए।
  14. प्रश्न- बाघ की गुफाओं के चित्रों का वर्णन एवं उनकी सराहना कीजिए।
  15. प्रश्न- 'बादामी गुफा के चित्रों' के सम्बन्ध में पूर्ण विवरण दीजिए।
  16. प्रश्न- प्रारम्भिक भारतीय रॉक कट गुफाएँ कहाँ मिली हैं?
  17. प्रश्न- दूसरी शताब्दी के बाद गुफाओं का निर्माण कार्य किस ओर अग्रसर हुआ?
  18. प्रश्न- बौद्ध काल की चित्रकला का परिचय दीजिए।
  19. प्रश्न- गुप्तकाल को कला का स्वर्ण काल क्यों कहा जाता है?
  20. प्रश्न- गुप्तकाल की मूर्तिकला पर एक लेख लिखिए।
  21. प्रश्न- गुप्तकालीन मूर्तिकला के विषय में आप क्या जानते हैं?
  22. प्रश्न- गुप्तकालीन मन्दिरों में की गई कारीगरी का वर्णन कीजिए।
  23. प्रश्न- गुप्तकालीन बौद्ध मूर्तियाँ कैसी थीं?
  24. प्रश्न- गुप्तकाल का पारिवारिक जीवन कैसा था?
  25. प्रश्न- गुप्तकाल में स्त्रियों की स्थिति कैसी थी?
  26. प्रश्न- गुप्तकालीन मूर्तिकला में किन-किन धातुओं का प्रयोग किया गया था?
  27. प्रश्न- गुप्तकालीन मूर्तिकला के विकास पर प्रकाश डालिए।
  28. प्रश्न- गुप्तकालीन मूर्तिकला के केन्द्र कहाँ-कहाँ स्थित हैं?
  29. प्रश्न- भारतीय प्रमुख प्राचीन मन्दिर वास्तुकला पर एक निबन्ध लिखिए।
  30. प्रश्न- भारत की प्राचीन स्थापत्य कला में मन्दिरों का क्या स्थान है?
  31. प्रश्न- प्रारम्भिक हिन्दू मन्दिर कौन-से हैं?
  32. प्रश्न- भारतीय मन्दिर वास्तुकला की प्रमुख शैलियाँ कौन-सी हैं? तथा इसके सिद्धान्त कौन-से हैं?
  33. प्रश्न- हिन्दू मन्दिर की वास्तुकला कितने प्रकार की होती है?
  34. प्रश्न- जैन धर्म से सम्बन्धित मन्दिर कहाँ-कहाँ प्राप्त हुए हैं?
  35. प्रश्न- खजुराहो के मूर्ति शिल्प के विषय में आप क्या जानते हैं?
  36. प्रश्न- भारत में जैन मन्दिर कहाँ-कहाँ मिले हैं?
  37. प्रश्न- इंडो-इस्लामिक वास्तुकला कहाँ की देन हैं? वर्णन कीजिए।
  38. प्रश्न- भारत में इस्लामी वास्तुकला के लोकप्रिय उदाहरण कौन से हैं?
  39. प्रश्न- इण्डो-इस्लामिक वास्तुकला की इमारतों का परिचय दीजिए।
  40. प्रश्न- इण्डो इस्लामिक वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूने के रूप में ताजमहल की कारीगरी का वर्णन दीजिए।
  41. प्रश्न- दिल्ली सल्तनत द्वारा कौन सी शैली की विशेषताएँ पसंद की जाती थीं?
  42. प्रश्न- इंडो इस्लामिक वास्तुकला की विशेषताएँ बताइए।
  43. प्रश्न- भारत में इस्लामी वास्तुकला की विशेषताएँ बताइए।
  44. प्रश्न- इण्डो-इस्लामिक वास्तुकला में हमें किस-किसके उदाहरण देखने को मिलते हैं?
  45. प्रश्न- इण्डो-इस्लामिक वास्तुकला को परम्परा की दृष्टि से कितनी श्रेणियों में बाँटा जाता है?
  46. प्रश्न- इण्डो-इस्लामिक आर्किटेक्ट्स के पीछे का इतिहास क्या है?
  47. प्रश्न- इण्डो-इस्लामिक आर्किटेक्ट्स की विभिन्न विशेषताएँ क्या हैं?
  48. प्रश्न- भारत इस्लामी वास्तुकला के उदाहरण क्या हैं?
  49. प्रश्न- भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना कैसे हुई? तथा अपने काल में इन्होंने कला के क्षेत्र में क्या कार्य किए?
  50. प्रश्न- मुख्य मुगल स्मारक कौन से हैं?
  51. प्रश्न- मुगल वास्तुकला के अभिलक्षणिक अवयव कौन से हैं?
  52. प्रश्न- भारत में मुगल वास्तुकला को आकार देने वाली 10 इमारतें कौन सी हैं?
  53. प्रश्न- जहाँगीर की चित्रकला शैली की विशेषताएँ लिखिए।
  54. प्रश्न- शाहजहाँ कालीन चित्रकला मुगल शैली पर प्रकाश डालिए।
  55. प्रश्न- मुगल वास्तुकला की विशेषताएँ बताइए।
  56. प्रश्न- अकबर कालीन मुगल शैली की विशेषताएँ लिखिए।
  57. प्रश्न- मुगल वास्तुकला किसका मिश्रण है?
  58. प्रश्न- मुगल कौन थे?
  59. प्रश्न- मुगल वास्तुकला की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
  60. प्रश्न- भारत में मुगल साम्राज्य की स्थापना कैसे हुई? तथा अपने काल में इन्होंने कला के क्षेत्र में क्या कार्य किए?
  61. प्रश्न- राजस्थान की वास्तुकला का परिचय दीजिए।
  62. प्रश्न- राजस्थानी वास्तुकला पर निबन्ध लिखिए तथा उदाहरण भी दीजिए।
  63. प्रश्न- राजस्थान के पाँच शीर्ष वास्तुशिल्प कार्यों का परिचय दीजिए।
  64. प्रश्न- हवेली से क्या तात्पर्य है?
  65. प्रश्न- राजस्थानी शैली के कुछ उदाहरण दीजिए।

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